Sunday, December 4, 2022
Bakaiti Ke Chanakya


इन 5 राशियों को झेलना पड़ेगा शनि का प्रकोप,इन उपायों से मिलेगी राहत

  शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब जातक को उसके कर्मों…



 

शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब जातक को उसके कर्मों का दंड मिलना होता है तब शनि ग्रह उसकी राशि मे प्रवेश करते हैं। शनि की साढेसाती,और ढैय्या को शनि के प्रकोप के रूप में लिया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि कुम्भ राशि के स्वामी हैं,लेकिन किसी भी राशि पर इनकी छाया को सही नही माना जाता है। ऐसे में साल 2021 में शनि की साढ़ेसाती 3 राशियों पर रहेगी। और दो राशियों पर शनि की ढैय्या चलेगी। आइये आपको बताते हैं कौन सी हैं वे दो राशियाँ और शनि देव के प्रकोप का प्रभाव किन उपायों से हो जाएगा कम।

इन 3 राशियों पर रहेगी शनि की साढ़ेसाती

आने वाली 22 जनवरी को शनि अपना नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। यह अभी उत्तराषाढ़ नक्षत्र में स्थित हैं लेकिन 22 जनवरी को यह श्रवण नक्षत्र में प्रवेश लेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह बताया गया है कि जब शनि चंद्र राशि से 12वें,पहले अथवा दूसरे भाव से निकलते हैं तो इस समयावधि को ही शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है। इसकी पूर्ण अवधि सात वर्ष की होती है। साल 2021 में तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चलेगी। जिन तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चलेगी वे तीन राशियाँ हैं धनु,कुम्भ और मकर।

इन राशियों पर चलेगी शनि की ढैय्या

शनि की साढ़ेसाती के अतिरिक्त दो राशियों पर शनि की ढैय्या भी चलेगी। तुला राशि और मिथुन राशि पर शनि की ढैय्या चलेगी। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जब शनि किसी भी राशि के चौथे और आठवें भाव मे स्थित होता है तो वह स्थिति ढैय्या कहलाती है।

शनि के प्रकोप से बचने के लिए करें यह उपाय

1 – यदि आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है,और आप खुद को कई समस्याओं में उलझा हुआ पा रहे हैं तो आप शमी के पेड़ की जड़ को काले कपड़े में कर के शनिवार की शाम को बांध लें। इसी के साथ शनि के मंत्र ” ॐ प्रां प्रीं प्रौ° स: शनैश्चराय नमः ” का 3 माला जप करें।

2 – शनि के प्रकोप से केवल महादेव ही रक्षा कर सकते हैं। इसलिए यदि आप पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है तो आपको शिव की का पूजन अर्चन करना चाहिए। आपको शिव पंचाक्षर मंत्र “ॐ नमः शिवाय ” का नियमित जप करना चाहिए। इसके अलावा आप शिव सहस्त्र नाम का भी पाठ कर सकते हैं।

3 – भगवान बजरंग बली हनुमान जी को भी रुद्र का अवतार बताया गया है,इसलिए यदि आप हनुमान जी की पूजा करते हैं तो शनि से जुड़ी समस्याएं आपको कम प्रभावित करेंगी। शनि के दोष को दूर करने के लिए आपको रोजाना सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। शनिवार को हनुमान जी के मंदिर जा कर यथा शक्ति कुछ मीठा भोग लगाना चाहिए।

4 – शनि के प्रकोप से बचने के लिए अपने घर में शमी का वृक्ष लगाए। एवम रोजाना इसका पूजन करें। ऐसा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।

5 – शनि देव को प्रसन्न करने के लिए नीले रंग का अपराजिता का फूल शनिवार के दिन शनि देव को अर्पित करना चाहिए। इसी के साथ काले रंग की बाती डाल कर तिल के तेल का दिया जलाना चाहिए। शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ में सरसों तेल का दिया जलाने से भी शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।

 

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